Thursday, 18 March 2010

मुश्किल राह पर राजस्थान royals

आई पी एल के तीसरे संस्करण में एक के बाद एक, लगातार तीन मुकाबलों में मुह के बल गिरने के बाद राजस्थान रोयल्स की सेमीफाइनल तक पहुँचने की राह बेहद मुस्किल हो गयी है। पहले सचिन तेंदुलकर की कप्तानी वाली मुंबई के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा, वही बाद में दिल्ली डेयरडेविल्स और अब बंगलौर रोयल के सामने घुटने टेककर राजस्थान रोयल्स ने इस संस्करण में अपने लिए मुश्किलें बढ़ा ली हैं। राजस्थान रोयल्स को आगे डेक्कन चार्जेर्स, कोल्कता नाईट राईडेर्स, किंग्स एलेवेन पंजाब और चेनै सुपर किंग्स के खिलाफ कलना बाकी हैं। इनमें कोई भी टीम उन्नीस नहीं है। निसंदेह सभी टीमो के खिलाफ जीतने के लिए राजस्थान रोयल को बहुत पसीना बहाना होगा।
यू देखे तो इसमें राजस्थान रोयल्स की कोई बड़ी गलती सामने नहीं आती है। यह निसंदेह पूरे टूर्नामेंट की सबसे कमजोर टीम है। टीम के कप्तान शेर्न वोर्न और युसूफ पठान को छोड़ दे तो कोई बड़ा नाम नहीं है जो इस टीम के साथ जुड़ा हो। उसमे भी युसूफ पठान भी अभी वह विश्वसनीयता प्राप्त नहीं कर पाया है जिससे किसी टिकी हुए पारी की आशा की जा सके। वोर्न की फिरकी में भी अब वह जादू नहीं रहा हो, जिसके लिए उसे जाना जाता है।
शेन वाटसन, ग्रीम स्मिथ, रविन्द्र जडेजा, सोहेल तनवीर, देमित्री मेस्क्रेहेनस जैसे बड़े खिलाडी किसी न किसी वजह से टीम से जुड़ा हो चुके है और इसी कमी के चलते हमें बार बार पराजय का मुंह देखना पद रहा है। दूसरी और स्वप्निल असनोदकर जैसे खिलाडी भी वह लय प्राप्त नहीं कर पा रहे है जो उन्होंने पहले संस्करण में दिखाई थी।
कुल मिलकर राजस्थान रोयल्स की राह बेहद मुश्किल है और उसके पास लड़ने के लिए ऐसी सेना नहीं है जो उसे विजयी माला पहनने का मौका दे सके। शेर्न वोर्न की राह मुश्किल है, शिल्पा शेट्टी की राह मुश्किल है। फॉर्मेट के पहले चेम्पियन की राह मुश्किल है।

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