इन कमियों पर गौर फरमाएं धोनी जी
भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर वर्ल्ड कप के अगले दौर में प्रवेश कर लिया है। अफ्रीका के खिलाफ मैच कभी भी भारत कि पकड़ से बाहर होता नहीं दिखा। भारत ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर दी और ख़िताब क़ी और एक कदम बढ़ा लिया। कहते है अंत भला तो सब भला। लेकिन इस मैच में कई गलतियां हुए जिनको न दोहराना ही भारत के पक्ष में रहेगा।अगर मैच क़ी शुरुआत से गौर करें तो पायेंगे कि बेहतरीन फॉर्म में चल रहे ज़हीर खान और रोहित शर्मा को एकादश से बाहर रखने का क्या ओचित्य था। मुरली कार्तिक को ओपनिंग देने का मकसद भी समझ से परे था जबकि ऐसे डोर में जबकि आपके मुख्य गेंदबाज आशीष नेहरा के तीन ओवर शेष है तो काम चलाऊ युसूफ पठान को गेंद देने के पीछे धोनी कि क्या सोच थी, यह भी अटपटा था।दूसरी और कुछ केच छोड़ना और फील्डिंग मिस करना भी महंगा साबित हो सकता था। मैच में सुरेश रैना ने प्रभावित किया। उसके हर शोट में आत्मविश्वाश था। उसने मैदान की हर दिशा में शोट खेले। युवराज सिंह के प्रभावी प्रदर्शन भी जीत कि कहानी लिखने में सहायक सिद्ध हुआ। कुल मिलकर भारत ने आगामी दौर में प्रवेश कर लिया है। अब उसे हर मैच में सतर्क रहकर खेल के हर क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करनी होगी। भारत के गेंदबाजी पक्ष को अब भी कमजोर माना जा सकता है। इसका मुख्य कारण पहले दोनों मैचों में स्पिनरों का प्रभावी प्रदर्शन न कर पाना ही है। मगर विश्व कि श्रेष्ठ टीमो के सामने किसी प्रकार कि कमजोरी आत्मघात की तरह है। अब भारत को खेल के हर विभाग में अपना सिक्का कायम करना है। एक बार फिर इतिहास दोहराना है तो मेच दर मेच श्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा और यह किसी एक नहीं बल्कि पूरी टीम के संयुक्त प्रयासों के कारण ही संभव हो पायेगा।
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